Zindagi

इंसान जो आता है वो एक न एक दिन वापस लौट जाता है

बस्स इस बीच मैं हर किसी के पास कुछ समय होता है

जिंदगी के नाम से जानते है

इस सफर पर चलते चलते कभी खुद को अकेला समझते है

कभी भीड़ से घिरा हुआ

सफर यादगार बनाने की कोशिश मैं कभी हम खुद को ही भूल जाते हैं

इसलिए कुछ अल्फ़ाज़ लिखे है

ज़िंदगी हर किसी के नसीब मैं नही लिखी है

अगर तू आज भी सांस ले रहा है

अगर तुने आज भी आंखें खोली है

तो यकीन कर उस खुदा पे

तेरे लिए आज भी कुछ खास लिखा ह।

तेरे ज़िंदगी मे उसने और कुछ हसीन पल लिखे है

Everyone who comes leaves one day….

In middle of these two events we live a journey called Life

Penning a few words down…

Life is a gift blessed to the lucky ones

If you have opened your eyes today

If you have seen the morning today….

Trust Him….He has written something good about the day…He has written something more beautiful for you….Yet to be felt!!

Smile and spread smiles

शिकायत

उन्होने कहा हमसे…

शिकायतों की भी अपनी इज्जत है…

यूँही नही किसी से भी की जाती है….

जवाब मैं हमने भी कह दिया उनसे…..

शिकायतें आज कल होती नहीं…

उम्मीदों पर जीते है की आगे भी होगी नही…

पर जिस दिन होगी…

कसम उस खुदा की…

अश्क़ हमारी आँखों से बहेंगे…

और दर्द आप सहेंगे…

कसूर!!

कसूर ना हमारा था ना उनका!

कसूरवार तो ये जालीम वक्त ठेहरा

और शिकार दो आशीक हुए!

Bewafaa

अरसो बाद आज कलम उठायी थी
जुटाकर कुछ ल्फझ लिखी अपनी कहानी थी
तेरी उस सफाई से की बेवाफाई को शब्दो मै उतारणा चाहा हमने
तब अल्फाझों ने भी हार मान ली हमारे इस टुटे दिल से
कहा उन अल्फाझों ने इस टुटे टुकडे से
रोकर तो वक्त बीत जाएगा
अश्को से बस्स दामन भिग जाएगा
पर इस घायल भरोसे को मरहम अब कोन लगाएगा
सिमटकर अपने आसू जवाब मै उस दिल ने बस इतना कहा
कि आज भी रुखा हूं की कही वो आ जाये
आकर हमे अपने साथ ले जाये

क्योकी
जितनी सफाइ से तुने बेवफाई की थी
उतनी ही शिद्दत से मोहब्बत हमने भी तो की थी